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अहो जरा हसता का ? |
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- शिक्षक - संजू,
तू सांग हिमालयाचे टोक किती उंच आहे ?
संजू - मला माहित नाही सर.
शिक्षक - (रागाने) बाकावर उभा रहा.
संजू - पण सर, बाकावर उभे राहिल्यामुळे हिमालयाचे टोक थोडेच दिसणार आहे ?
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- शिक्षीका - मीनी, तू काय लिहित आहेस?
मीनी - मी माझ्या भावाला फ़्रेंचमधून पत्र लिहित आहे.
शिक्षीका - अगं, पण तुला कुठे फ़्रेंच भाषा येते?
मीनी - मग त्याला तरी कुठे फ़्रेंच येते.
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- ( तीन माणसे गप्पा मारत असतात)
पहिला - मी इतकी थंडी पाहिली आहे, की झोपतांना अंगावर सात-आठ पांघरुणं
घ्यायला लागत असत.
दुसरा - ते तर काहीच नाही. मी इतकी थंडी पाहिली आहे, की एका गावात दोन माणसे
एकमेकांशी बोलत असली तर शब्दच गोठून जात असत. ते तव्यावर परतल्यानंतर मगच ऎकू येत
असत.
तिसरा - अरे, ते सगळे सोडा. मी अशी थंडी पाहिली आहे, की टाईपरायटरवर पाणी असा
शब्द टाईप केला तर बर्फ़ असा शब्द उमटत असे.
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