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३२० |
इंग्रजी भाषेत
पाण्य़ाला म्हणतात
वाँटर |
| ------- रावांचे नाव घेते ------- ची
डाँटर |
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३२१ |
आम के पेड पर बैठे थे बंदर |
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------- रावजी का घर है स्वर्ग से सुंदर |
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३२२ |
पूर्णा नदीच्या काठावर क्रुष्णा वाजवितो
बासरी |
| ------- रावांसोबत आले मी सासरी |
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३२३ |
मुंबई राजधानी आहे महाराष्ट्राची |
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------- राव आहेत तर कमी नाही कशाची |
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३२४ |
आधुनिक स्वयंपाक घरात शोभते डायनिंग टेबल |
| ------- रावांच्या नावासमोर माझ्य़ा गावाचे
लागले लेबल |
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३२५ |
आपले राष्ट्रगीत आहे जन - गण - मन |
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------- रावांना अर्पण केले तन - मन - धन |
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३२६ |
चांदीच्या चमच्याने वाढते मी मीठ |
| घाबरु नका ------- रावांचा संसार करीन मी
नीट |
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३२७ |
मंदिराच्या गाभा-यात विठ्ठलाची मुर्ती |
| ------- रावांची होवो सगळीकडे किर्ती |
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३२८ |
कशी बाई कोकीळा कुहू कुहू बोले |
| ------- रावांनी आणली सोन्याची कर्णफुले |
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३२९ |
पेरुची फोड दिली पिंज-यातल्य़ा पोपटाला |
| ------- रावांचे नाव घेते चंद्र तारे
साक्षीला |
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३३० |
मंद मंद गंध घेताना झाले मी धूंद |
| ------- रावांचे नाव घ्यायचा लागला मला
छंद |
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३३१ |
गळयात मंगळसुत्र, मंगळसुत्रात डोरलं |
| ------- रावांचे नाव माझ्या ह्रुदयात कोरलं |
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३३२ |
सासु सास-यांनी काम केलं पुण्याचे |
| ------- रावांना दान दिले मला जन्माचे |
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३३३ |
पिवळा पितांबर श्रीक्रुष्णाच्या अंगावर
घातला |
| ------- रावांच्या जीवनासाठी स्त्री जन्म
घेतला |
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३३४ |
मंगलदेवी, मंगलमाते वंदन करते तुला |
| ------- रावांचे नाव घेते अंखड सौभाग्य दे
मला |
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३३५ |
सुशिक्षित घराण्यात जन्मले, कुलवंत
घराण्यात आले |
| ------- रावांशी लग्न करुन मी सौभाग्यवती
झाले |
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३३६ |
नील नभाच्या तबकात नक्षत्रांचा हार |
| ------- रावांचा स्वभाव फारच उदार |
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३३७ |
प्रेमळ शब्दामागे भावना असते कौतुकाची |
| रावांच्या साथीने सुरूवात करते सहजीवनाची |
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३३८ |
प्रेमाचे कच्चे धागे खेचती मागे पुढे |
| ------- रावांच्या साथीसाठी माहेर सोडावे
लागे |
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३३९ |
निळया नभात चंद्राचा प्रकाश
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| ------- रावांवर आहे माझा विश्वास |