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३८० |
गौरीहर पुजले अन बोहल्यावर चढले |
| ------- रावांच्या सुखासाठी संसारात गढले |
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३८१ |
१२ वर्षे तुळशीला प्रेमाने घातले पाणी |
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देवतेच्या वरदानाने झाले ------- रावांची
राणी |
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३८२ |
------- रावांची कन्या झाली -------
पंतांची सून |
| ------- रावांच्या राज्य़ात नाही कशाची उण |
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३८३ |
सौभाग्याचे अलंकार म्हणजे काचेचे चुडे |
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------- रावांचे नाव घेते सुवासिनी पुढे |
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३८४ |
काश्मीरच्या नंदनवनात नाचतो मोर |
| ------- रावांसारखे पती मिळाले भाग्य माझे
थोर |
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३८५ |
नागपुरची संत्री कोकणातले नारळ |
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------- रावांचे नाव घेते साधे आणि सरळ |
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३८६ |
एकनाथाच्या घरी हरी पाणी भरतो कावडीने |
| ------- रावांचे नाव घेईन मी आवडीने |
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३८७ |
प्रांजळपणे बोलणे, मनमोकळे हसणे |
| ------- रावांच्या सहवासात कशाला हवे रुसणे
? |
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३८८ |
पती पत्नी असतात सुखदुःखाचे साथी |
| ------- रावांचे नाव घेते जगदंबे वरद हस्त
असु दे माथी |
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३८९ |
माहूर गडावर रेणुकेची वस्ती |
| ------- रावांना मिळावे आयुष्य जास्ती |
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३९० |
पित्याने दिली विद्या मातेने दिले
ग्रुहशिक्षण |
| ------- राव मिळाले हेच माझे भुषण |
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३९१ |
वसंत ऋतुच्या आगमनाने कोकिळा गाते गाणी |
| अर्पण करते आयुष्य ------- रावांच्या चरणी |
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३९२ |
फुलला पळस रानोरानी, मोहरला आंबा पानोपानी |
| ------- राव माझे धनी मी त्यांची
अर्धांगिनी |
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३९३ |
शितल आहे चंदन वारा आहे मंद |
| ------- रावांना सिनेमाचा भारीव छंद |
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३९४ |
आहे हौशी नणंद, प्रेमळ आहे जाऊ |
| ------- रावांच्या गुणांचे गोडवे किती गाऊ |
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३९५ |
गणपतीला दुर्वा, शिवाला बेल |
| ------- रावांच्या संगतीत बहरली संसाररुपी
वेल |
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३९६ |
गुढीपाडव्याच्या सणाला पुरण्पोळीचा मान |
| ------- रावांच्या सहवासात विसरते मी भूक
तहान |
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३९७ |
अमावस्येच्या रात्री चांदोबाचं लपणं |
| ------- राव हेच माझं गुलाबी स्वप्न |
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३९८ |
क्रुष्णाच्या हातात सोनेरी बासरी |
| ------- रावांचे नाव घेताना सदा मी हसरी |
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३९९ |
स्वप्नातला गुलाब गालात हसला |
| ------- रावांचे नाव घेण्यास मान कसला |