|
७६० |
भुतदया आहे संताची
शिकवण |
|
-------- रावांच्या ह्रदयी प्रितीची
साठवण |
|
७६१ |
नुतन वर्षाचा शुभारंभ
करीत येतो पाडवा |
|
-------- रावांच्या सानिध्यात राहो
सदैव गोडवा |
|
७६२ |
वसंत चाहूली हळदी कुंकु
करतात सुवासिनी |
|
-------- रावांनी भरला आनंद जीवनी |
|
७६३ |
सावित्रीच्या पुण्याईने सत्यवानाला
मिळाला पुनर्जन्म |
|
-------- रावांचे सौभा़ग्य छ्त्र
लाभॊ जन्मोजन्म |
|
७६४ |
पंचमीचा सण आला की
हलतात हिंदोळे |
|
-------- रावांच्या सहवासात माझे आनंदी
मन खेळे |
|
७६५ |
माहेरच्या मायेला नाही कशाची सर |
|
-------- रावांच्या सहवासात न वाटे कसली
कसर |
|
७६६ |
श्रावण महिना म्हणजे
सणांची सुरुवात |
|
------- रावांचे नाव घेते वरात आली
घरात |
|
७६७ |
श्रावणात हिरवा साज
स्रुष्टिदेवी सजली |
|
-------- रावांच्या सौख्यास्तव
मंगळागौर पुजली |
|
७६८ |
वर्षाऋतुच्या आगमनाने
प्रसन्न झाली धरती |
|
------- रावांचे नाव घेते मंगळागौरीच्या
रात्री |
|
७६९ |
सौभाग्याची जीवन ज्योत
प्रीत तेलाने तेवते |
|
------- रावांना दिर्घायुष्य मंगळगौरीस
मागते |
|
७७० |
शुभदिनी मंगलकाली
मंगलमुर्ती ये घरा |
|
------- रावांच्या जीवनात भाग्योदय खरा |
|
७७१ |
दस-याचे महत्व
सिमोलंघनात |
|
------- रावांच्यासह सुखी जीवनी
नंदनवनात |
|
७७२ |
वैशाखाच्या महिन्यात
उन्हाळयाचा जोर |
| -------- घराण्यात -------
राव पुरुष थोर |
|
७७३ |
श्रावणाच्या महिन्यात
जिकडे तिकडे पाणी |
|
------- रावांच्या भेटीसाठी आतुर
चातकावाणी |
|
७७४ |
दरवळतोय घरात माझ्या
अत्तराचा सुगंध |
|
------- रावांचा सहवास करतोय मला धुंद |
|
७७५ |
मखमली शेजेवर अत्तराचे
सिंचन |
| करते सदा मनामध्ये ------- रावांचे
चिंतन |
|
७७६ |
श्लोक रामदासांचे आहेत
किती छान |
|
------- रावांच्या संसारात हरवले मी
भान |
|
७७७ |
लांबसडक वेणीवर शोभे
गुलाबाचे फुल |
|
------- रावांना पहाताच पडलीय मला भुल |
|
७७८ |
चांदीच्या समईत रेशमाची
वात |
|
------- रावांबरोबर करते संसाराला
सुरुवात |
|
७७९ |
सारंच गेलय बदलुन माझं
नावही नवं |
|
------- रावांनी दिलं मला सर्वच जे हवं |