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५६० |
टिळकांचा केसरी
अत्र्यांचा ललकार |
| ------- रावांची
विदवत्ता हाच माझा अलंकार |
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५६१ |
कवींच्या कवितेत
मोरोपंतांची आर्या |
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------- रावांचे नाव
घेते ------- भार्या |
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५६२ |
गणेशाला आवडती
रक्तवर्ण कमळे |
| ------- रावांसोबत
माहेर विसरुन रमले |
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५६३ |
चांदीच्या तबकात खडीसाखरेचे खडे |
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------- रावांचे नाव घेते गौरीहरापुढे |
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५६४ |
सातासमुद्रापलीकडे
राधा-क्रुष्णाचा खेळ |
| ------- रावांचे नाव
घेते सांयकाळची वेळ |
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५६५ |
स्त्रियांचे कर्तव्य पतिसेवा हेच |
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------- रावांचे आयुष्य वाढो भुषण मला
हेच |
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५६६ |
नेत्राच्या निरांजनात
प्रितीची वात |
| ------- रावांच्या
नावास केली सुरुवात |
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५६७ |
रामाने राज्य दिले,
भरताने नाकारले |
| ------- रावांनी
सौभाग्य दिले ते मी स्वीकारले |
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५६८ |
मणीमंगळसुत्र
सौभाग्याची खूण |
| ------- रावांचे नाव
घेते------- ची सून |
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५६९ |
चांदीच्या तबकात हळदी
कुंकवाचा काला |
| ------- रावांच्या
नावांस आरंभ केला |
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५७० |
भिल्लीणीच्या रुपाने
शंकर झाले मोहीत |
| ------- रावांचे नाव
घेते सासुसास-यांसहीत |
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५७१ |
जय जवान जय किसान
गर्जतो सारा देश |
| ------- रावांच्या
जीवाकरिता घातला सौभाग्याचा वेष |
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५७२ |
वडीलांचा आशिर्वाद
मातेची माया |
| ------- रावांसारखे पती
मिळाले ही ईश्वराची दया |
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५७३ |
काँग्रेसच्या पायात
सत्याग्रहाची बेडी |
| ------- रावांच्या
जीवावर घातली मंगळ्सुत्राची जोडी |
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५७४ |
दत्तात्रयाला शोभे गाय,
महादेवाला शोभे नंदी |
| ------- रावांच्या
जीवावर मी आहे आनंदी |
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५७५ |
तुळशीला घालते पाणी,
विष्णूची करते शांती |
| ------- रावांचे
आयुष्य वाढो हीच ईश्वराला विनंती |
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५७६ |
यमुनेकाठी क्रुष्ण
खेळत होता बासरी |
| ------- रावांमुळे आज
मी आले सासरी |
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५७७ |
अंगणी टाकला सडा
त्यावर घातली रांगोळी |
| ------- रावांचे नाव
घेते हळदी कुंकवाच्या वेळी |
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५७८ |
ज्योतीला मिळेल ज्योत
त्यात पडेल प्रकाश |
| ------- रावांच्या
जीवनात ठेंगणे होईल आकाश |
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५७९ |
गुलाबाचे फुल दिसायला
छान |
| ------- रावांचं नाव
घेते ठेवते आपला मान |