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१४१ |
नमस्कार फुकाचा आशीर्वाद लाखाचा |
| ----- रावांच्या संगतीत संसार करते सुखाचा |
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१४२ |
श्रीमतांची श्रीमंती, गरीबाचा देव वाली |
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----- रावांचे नाव घेऊन मी झाले भाग्यशाली |
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१४३ |
सोन्याचे तबक चांदीची परात |
| ----- रावांचे नाव घेते नव्या घरात |
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१४४ |
संगीत नाटकात नाटक सुभद्राहरण |
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----- रावांचे नाव घ्यायला हरतालिकेचे कारण |
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१४५ |
कस्तुरीचा जन्म सुगंधाकरीता |
| माझे जीवन ----- रावांकरीता |
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१४६ |
वडिलांनी केले लग्न, मामानी केला आहेर |
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----- रावांसाठी सोडले प्रेमाचे माहेर |
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१४७ |
हूरहूर दाटली मनात, जीव माझा बावरला |
| ----- रावांच्या ओढीनं माहेरचा मोह सोडला |
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१४८ |
गुलाबापेक्षा मोहक दिसते गुलाब कळी |
| ----- रावांचे नाव घेते ----- च्यावेळी |
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१४९ |
सासुबाई आहेत प्रेमळ, सासरे आहेत दयाळू |
| ------ राव तर आहेत अतिशय मायाळू |
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१५० |
चांदीच्या नक्षीदार ताटाला सोन्याचा गिलावा |
| ----- रावांसारखा गुणी पती जन्मोजन्मी
मिळावा |
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१५१ |
बोलताना जिभेचा जाऊ देऊ नये तोल |
| ----- रावांच्या प्रीती इतके नाही कशाचे
मोल |
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१५२ |
सनई आणि चौघडा वाजे सप्तसुरात |
| ----- रावांचे नाव घेते ----- च्या घरात |
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१५३ |
वडिलांची छाया आईची माया |
| ----- रावांच्या सुखासाठी झिजवेन मी काया |
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१५४ |
बहिणीसारख्या नंदा भावासारखे दिर |
| ----- रावांचे नाव घेण्यासाठी झाले मी
अधीर |
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१५५ |
तिळ्गुळ घ्या गोड गॊड बोला |
| ----- रावांचे नाव घेण्याचे सौभाग्य मला |
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१५६ |
श्रीमंत असो वा गरीब असो स्त्रियांना आवडते
माहेर |
| ----- रावांनी दिला मला सौभाग्याचा आहेर |
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१५७ |
संक्रांतीच्या दिवशी तिळाचे काढते सत्व |
| ----- रावांचे नाव घेते आज आहे हळदी
कुंकवाचे महत्व |
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१५८ |
खडी साखरेची गोडी अन फुलांचा सुगंध |
| ----- रावांच्या संसारात स्वर्गाचा आनंद |
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१५९ |
कपाळावर कुंकु हिरवा चुडा हाती |
| ----- राव माझे पती माझे भाग्य किती |
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१६० |
झाशीच्या राणीचा स्वातंत्र्यासाठी झाला
घात |
| ----- रावांचा जन्मोजन्मी धरीन मी हात |