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७८० |
मंगळागौरीसाठी जमवली
सोळा प्रकारची पत्री |
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------- रावांचे नाव घेते मंगळागौरीच्या
रात्री |
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७८१ |
नको सोनं, नको मोती,
नको मला चंद्रहार |
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------- रावांचे ज्ञान
नी कर्तुत्व हेच माझे अलंकार |
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७८२ |
खुप पाहिली तीर्थक्षेत्र, पवित्र वाटते
काशी |
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------- रावांचे नाव घेते
-------- च्या दिवशी |
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७८३ |
केतकीच्या वासाने नाग होतो धुंद |
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------- रावांमुळे
सारं घडलं पण शब्द नाहीत आभारा |
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७८४ |
इंद्रधनुच्या झुल्यावर मन झोके घेई |
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------ रावांच्या संसारी
बालक्रुष्ण येई |
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७८५ |
ताटभर दागिन्यांपेक्षा माणसे असावी घरभर |
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------- रावांचे नाव घेते
आर्शीवाद द्यावा जन्मभर |
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७८६ |
कोकिळाच्या कुंजनाने लागते वसंताची चाहूल |
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------ रावांबरोबर टाकते
संसारात पाऊल |
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७८७ |
द्राक्षाच्या वेलीची दाट पसरते सावली |
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------ रावांना जन्म देणारी
धन्य ती माऊली |
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७८८ |
देशाच्या स्वातंत्र्यासाठी विरांनी घेतली
उडी |
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------ रावांच्या नावाने गळयात
बांधते मंगळसुत्राची जोडी |
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७८९ |
देशाच्या स्वातंत्र्यासाठी सावरकरांना
झाली शिक्षा |
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------ रावांकडे मागितली मी
सौभाग्याची भिक्षा |
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७९० |
देवा ब्राम्हणांच्या साक्षीने घेतला माझा
हातामध्ये हात |
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------ रावांची लाभली मला साता
जन्माची साथ |
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७९१ |
झाड डोले, वेल डोले, डोलतो वनश्री |
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------- रावांचे नाव घेऊन झाले
मी भाग्यश्री |
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७९२ |
प्रेमळ माझे आई वडील, वत्सल सासु सासरे |
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------- रावांच्या घरी येणार
आता तारे हसरे |
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७९३ |
निलमणी आकाशात चंद्राची
प्रभा |
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------- रावांच्या
नावामुळे कुंकवाची शोभा |
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७९४ |
सुवासिनीचं पहिल व्रत
मंगळागौरीची पुजा |
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------- रावांचे नाव घेणं म्हणजे गोड
सजा |
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७९५ |
निलमणी आकाशात लक्ष्मी
करते वास |
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------- रावांना घास घालते करंजीचा घास |
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७९६ |
चंद्र सुर्य
नक्षत्रांनी शोभा येते नभाला |
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------- रावांच्या प्रेमाचा सुगंध
माझ्य़ा मनाला |
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७९७ |
सरस्वतीच्या देवळात
तांदुळाच्या राशी |
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------- रावांचे नाव घेते
-------- च्या दिवशी |
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७९८ |
प्रसन्न माझे घरकुल
साधे, इथे शांती नांदे |
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------- राव मला पती लाभले भाग्य थोर
माझे |
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७९९ |
रात्री फुलराणी देते
सुगंध |
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------- रावांच्या जीवनात नेहमीच असतो
आनंद |