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८८० |
वडिलांना पडली होती काळजी कसे मिळेल घर |
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रावांसारखे शांत मिळाले वर |
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८८१ |
शुभमंगल प्रसंगी अक्षदा पडतात माथी |
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------- राव
आहेत माझे जीवन साथी |
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८८२ |
दारी होती विहीर, विहीरीवर होते बारा हंडे |
| बाराहंडयावर बाराकरंडे, बाराकरंडयावर बारा
वाती |
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------- राव
माझे शंकर आणि मी त्यांची पार्वती |
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८८४ |
झुन झुन झुन्यात, बसली मेण्यात |
| कंचोळी अंगात गुलाल भांगात |
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जायफळ वटीत लवंगा दोळे मुठीत |
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हंडयावर परात, परातीत भात |
| भातावर तुप, तुपासारखे रुप |
| रुपासारखा जोडा
------- रावांना
म्हणते |
| सारीकामे सोडा अन माहेरी चला |
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८८५ |
साखरेचे खाणार त्याला देव देणार |
| -------- रावांसाठी आज मी गौरीहर पुजणार |
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८८६ |
घरोघरी मातीच्या चुली |
| -------- रावांना जन्म देणारी धन्य ती
माऊली |
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८८७ |
नाव सोनुबाई हाती कथलाचा वाळा |
| -------- रावांसह मी बसते जेवायला |
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८८८ |
वडयाचं तेल वांग्यावर |
| -------- रावांचे नाव आहे माझ्या ओठांवर |
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८८९ |
ऐकावे जनाचे करावे मनाचे |
| -------- राव आहेत मोठया उदार मनाचे |
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९०० |
चंदनाचा पाट आणि चांदीचे ताट |
| -------- रावांसंगे राहण्यात आहे मोठा थाट |
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९०१ |
वासरात लंगडी गाय शहाणी |
| -------- रावांची झाले आज अर्धांगिनी |
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९०२ |
चार दिवस सासुचे, चार दिवस सुनेचे |
| -------- रावांचे नी माझे बंधन आहे सात
जन्माचे |
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९०३ |
संसारातील रेशमी शालूवर प्रीतीची लावते
फुलवात |
| -------- राव देतात मला सुखदुःखात आधार |
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९०४ |
तिरंगी ध्वजाला चंदनाची काठी |
| -------- रावांचे नाव घेते अखंड
सौभाग्यवती |
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९०५ |
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| ह्रदयात असावे प्रेम, प्रेमात असावा त्याग |
| त्यागात असावी निष्ठा, निष्ठेत असावी
क्रुती |
| क्रुतीत असावी कला -------- च्या संसारात
काय उणे मला |