|
१६१ |
पौर्णिमेच्या दिवशी
चंद्र निघाला गगनात |
| ----- रावांचे नाव
घेते ----- च्या अंगणात |
|
१६२ |
सौभाग्याचं लेणं
काळी पोत |
|
----- रावांच्या
जीवनात उजळीन जीवनज्योत |
|
१६३ |
तुकारामांचा अभंग
वामनांची कविता |
| ----- राव आहेत
सागर मी त्यांची सरिता |
|
१६४ |
श्रीमंत माणसांना पैशाची धुंदी |
|
----- रावांचे नाव घ्यायची पहिलीच
संधी |
|
१६५ |
काचेच्या ग्लासात
चकचकते दही
|
| माझ्या
मंगळ्सुत्रावर ---------- रावांची सही |
|
१६६ |
तांब्याच्या पळीला नागाची खुण
|
|
---------- रावांचं नाव घेते
----------- घराण्याची सुन |
|
१६७ |
शंकराच्या पिंडीवर
बेल वाह्ते वाकुन |
| ----------- रावांच
नाव घेते पुजेचा मान राखुन |
|
१६८ |
समुद्राला आली भरती
नदीला आला पुर |
| -----------
रावांसाठी माहेर गेले दुर |
|
१६९ |
माहेरचं निरंजन
सासरची फुलवात------------- |
| रावांचं नाव घ्यायला
करते आजपासुन सुरुवात |
|
१७० |
मोर पक्षी पाण्याला
हौशी
|
| -----------
रावांचं नाव घेते पुनवेच्या दिवशी |
|
१७१ |
दारी होती तुळस तिला
घालते पळी - पळी पाणी |
| आधी होती आईबापाची
तान्ही नंतर झाली --------- रावांची राणी |
|
१७२ |
गुलाबाच्या कळ्या
पेटीत |
| ------------ राव
आहेत माझ्या मुठीत |
|
१७३ |
अबोलीचा गजरा
रुपयाला एक |
| ----------- रावांचं
नाव घेते ----------------- घराण्याची लेक |
|
१७४ |
लाल मणी तोडले काळे
मणी जोडले
|
| ------------
रावांसाठी आई-बाप सोडले |
|
१७५ |
साजुक तुपात नाजुक
चमचा |
| -----------चे नाव
घेते आग्रह तुमचा |
|
१७६ |
निळ्या आकाशात
पक्षांची चाहूल |
| ------------रावांच्या
जिवनात टाकते मी पहीलं पाऊल |
|
१७७ |
वीटांवर वीटा शंभर
वीटा |
| ------------- राव
आहेत माझ्याजवळ आता बाकी सर्वांनी फुटा |
|
१७८ |
हिमालयाच्या
पर्वतावर बर्फ़ाच्या राशी
|
| ---------चे नाव
घेते ग्रुह्प्रवेशाच्या दिवशी |
|
१७९ |
केळीचं पान कसं
कुरुम कुरुम वाजतय |
| ------- रावांचं
नाव घ्यायला मला लाज वाटतेय |
|
१८० |
इंग्लंड अमेरीका मी
हाय कुमारीका
|
| मला नाव घ्यायला
सांगू नका |